गलत फोन नंबर
 

गलत फोन नंबर  

  RSS
 Anonymous
(@Anonymous)
Guest

प्यारे दोस्तो

मैं जबलपुर का रहने वाला एक २६ वर्षीय युवक हूँ। एक गलत नंबर पर फोन लगने से क्या क्या हो सकता है, मैं आपको बताता हूँ।

यह बात उन दिनों की है जब कॉलर आई डी नया नया आया था। उसके बाद फोन पर लड़की पटाने में महारत हासिल कर ली। एक दिन मैंने शाम करीब ४ बजे एक ट्रेवल एजेंट को फोन लगाया, गलती से वो फोन किसी और के घर पर लग गया। एक लड़की की आवाज़ थी। मैंने पूछा- आप ट्रेवल ऐजेन्सी से बोल रही है?

उसने कहा- नहीं !

और फ़ोन रख दिया।

क्योंकि मैं कुंवारा हूँ इसलिए चुदाई की हमेशा इच्छा होती रहती है। मैंने अपने कालर आई डी पर नंबर देखा और फिर से फ़ोन किया तो उसी लड़की ने फोन उठाया। मैंने उससे कहा- नंबर गलत होने के बावजूद मैं आपसे बात करना चाहता हूँ !

तो लड़की बोली- कोई ज़रूरत नहीं ! आप अपना और मेरा समय बर्बाद ना करें !

और वो फोन रखने वाली थी कि मैंने उससे कहा कि आपकी आवाज़ बहुत अच्छी है, मैं आपके साथ कुछ देर बातें करूँगा, फिर कभी डिस्टर्ब नहीं करूंगा।

उसने कहा- बोलो ! क्या बोलना है !

मैंने कहा- मुझे आपकी आवाज बहुत अच्छी लगी, मुझे आपसे दोस्ती करनी है।

उसने पूछा- आपने मेरा नंबर फिर से कैसे लगा लिया?

मैंने कहा- रिडायल का बटन दबा दिया।

खैर थोड़ी देर यूँ ही बातें होती रही, उसकी आवाज दरअसल बहुत अच्छी और सेक्सी थी जिसे सुनकर मेरा लंड खडा हो रहा था। बातों बातों उसने कह दिया कि वो पोस्ट-ग्रेजुएट है और शादी की बातें चल रही हैं।

फिर उसने कहा- पापा ऑफिस से आने वाले हैं, मैं रखती हूँ।

मैंने कहा- अपना नंबर तो बता दो !

उसने कहा- नहीं !

तो मैंने कहा- मेरा नंबर ही सुन लो !

उसने यह कह कर फ़ोन रख दिया- ठीक है पर कोई फायदा नहीं है।

दो तीन दिन बीत गए, मैं इंतज़ार करता रहा। फिर एक दिन उसका मिस-कॉल आया मैंने वापस फोन नहीं किया ताकि उसको पता ना चले कि मेरे पास उसका नंबर है। दो तीन बार उसका मिस-कॉल आया तो मैंने उसे फ़ोन लगा कर कहा- बड़ी मुस्किल से बात हुई, मैंने बहुत नंबर लगाये जो पहले वाले नंबर से मिलते-जुलते हैं।

मुझे पता चल चुका था कि उसे मुझसे बात करने की इच्छा है, तो मैंने उसे कहा- तुम्हारी बहुत याद आ रही थी, मैं तुम्हारी आवाज़ सुने बगैर नहीं रह सकता हूँ।

फिर पूछा- अब तो नंबर बता दो ! कितना पैसा बर्बाद करवाओगी?

तो उसने नंबर बता ही दिया धीरे धीरे रोज बातें होने लगी। एक दिन रात को मैंने फ़ोन लगा कर कह दिया- मेरा लण्ड खड़ा है, मुझे किस करो !

वो ये सब सुनकर थोड़ा घबरा गयी और कहने लगी- कल दिन में बात करेंगे।

मैंने कहा- नहीं, मुझे अभी अपना माल निकालना है।

उसने कहा- नहीं, कोई आ जाएगा और उसे डाँट पड़ेगी !

मैंने कहा- तो कल के लिए प्रोमिस करो कि कहीं मिलोगी !

वो मान गई और हमने जगह तय की और मैं ठीक टाइम पर पहुँच गया, जैसा उसने कहा था कि वो एक्टिवा से आएगी और सफ़ेद सूट पहना होगा। मैंने उसे देखकर पहचान गया और हम एक साइबर में बैठ गए। लड़की दिखने में ठीक ठाक थी पर फिगर गजब का बड़े बड़े दूध गजब की गांड देखके लग रहा था शादी के लिए बिलकुल तैयार है। थोड़ी देर बातें की और मैंने एक गरम साईट ओपन कर दी जिसे देखकर वो पसीना पसीना होने लगी।

मैंने सीधे उसका होंट चूम लिया और एक हाथ से दूध मसलना शुरु कर दिया, वो कांपने लगी और पूरी तरह पसीने से तर-बतर हो गई। मैंने केबिन के अन्दर पंखा चला दिया और और उसका नाड़ा खोल दिया और चूत सहलाने लगा। उसकी आँखें बंद, चूत में पानी आने लगा। मैंने उसका कमीज़ उठा दिया और दूध को होंटों से पीने लगा। धीरे धीरे सलवार उतार दी और पैंटी को जांघ तक कर दिया फिर चूत को चूसा, गांड के छेद को चाटा। उसकी हालत मैं देख रहा था, वो धीरे धीरे अपना हाथ मेरे कंधो पर कस रही थी और अपनी गांड आगे पीछे करने लगी।

मैंने अपना जिप खोल दी लण्ड को बाहर निकाल लिया और उसका हाथ अपने लण्ड पर रख दिया्। शायद उसका और मेरा पहला सेक्स एक्सपेरिएंस था जिसे हम खूब एन्जॉय कर रहे थे। मुझसे रहा नहीं गया मैंने कुर्सी पर बैठ कर उसे अपने ऊपर बिठा लिया और पीछे से चूत में लण्ड डाल दिया। चूत की फिसलन में लण्ड अन्दर चला गया मेरा लण्ड मानो स्वर्ग में था। मैं गर्म गर्म महसूस हो रहा था। मैं ज्यादा कर नहीं पाया, मेरा रस उसी के अन्दर निकल गया।

खैर आज पूरे तीन साल हो गए, वो पी एच डी कर रही है, शादी अभी करना नहीं चाहती, न ही हमारा दिल का कोई सम्बन्ध है पर हर हफ्ते दो से तीन बार कहीं न कहीं हम लोग चुदाई करते हैं। अब मेरी प्रैक्टिस भी अच्छी हो गई है। बिना शादी किए शादीशुदा जैसा समय लगता है। उसे भी जब भी चुदने का मन होता है, फ़ोन करती है। कभी कभी रात में चोरी छुपे उसके घर पे जाकर उसके कमरे में रात बिताता हूँ। कभी परीक्षा देने दूसरे शहर जाती है तो मैं भी साथ चला जाता हूँ। एक ही होटल में पति पत्नी की तरह रहते हैं और खूब चुदाई करते हैं।

इन तीन सालों में मैंने ५-६ लड़कियाँ और आंटी को इसी तरह पटा चुका हूँ और चोद रहा हूँ।

दोस्तों यकीन माने, चाहे लड़का हो या लड़की, सभी को नया माल पसंद है, सभी को सेक्स पसंद है। मेरी सभी से गुजारिश है कि बातों में जल्दबाज़ी न करें, पहले हलके हलके पटायें फिर सेक्स की बातें करें।

Quote
Posted : 17/02/2011 8:45 am