जब मैं जिगोलो बना-2
 

जब मैं जिगोलो बना-2  

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 Anonymous
(@Anonymous)
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मैं थोड़ा हैरान था, मैंने कहा- आप नाराज़ तो नहीं होगी? मुझको तो आप इस एक्ट्रेस से बहुत ज्यादा सेक्सी लग रही हो !

वो बोली- तुम भी बहुत सेक्सी हो और उसने अपने हाथ मेरे गले में डाल दिए।

फिर वो बोली- अगर हम दोनों ही इतने सेक्सी हैं तो क्या हम वो काम नहीं कर सकते जो ये लोग कर रहे हैं?

और यह कह कर उसने अपने होंठ मेरे होंठों पर रख दिए। मुझको मेरी किस्मत पर यकीन नहीं हो रहा था। आज तक जिस लड़की को देख कर मैं मुठ मारा करता था वो आज मुझको सेक्स का निमंत्रण दे रही है। मैंने भी अपने हाथ उसकी पीठ पर रख दिए और उसको सहलाने लगा। हम लोग एक दूसरे को चूम रहे थे। वो अपनी जीभ मेरे मुँह में डाल रही थी और मैं उसके होंठों को चूस रहा था।

लगभग दस मिनट तक ऐसा करने के बाद हम अलग हुए तो मैंने पूछा- आपकी मम्मी आने वाली होंगी?

तो वो बोली- अभी उनका ही फ़ोन था, उनको आने में देर होगी तो हम मज़े कर सकते हैं।

इतना कह कर उसने अपने होंठ फिर मेरे होंठों पर रख दिए। अब मेरा एक हाथ उसकी टांग पर था और सहला रहा था। वो मेरे होंठो को चूस रही थी। मेरा एक हाथ उसकी टांग सहला रहा था और दूसरा उसके वक्ष पर था। उसके स्तन बहुत बड़े थे जिनको दबाने बहुत मज़ा आ रहा था।

वो धीरे धीरे सोफे पर ही थोड़ी सी लेट गई। मैंने उसके गले और छाती पर चूमना शुरु कर दिया और मेरा हाथ उसकी स्कर्ट के अंदर जाने लगा। जल्दी ही मेरा हाथ उसकी चिकनी टांगों से होता हुआ उसके नितम्बों पर जा लगा। बहुत चिकना शरीर था उसका ! एक भी बाल नहीं था। अब मैं उसके नितम्बों को सहला रहा था। वो जल्दी से मेरी टी-शर्ट उतारने लगी।

मैंने उसको सोफे पर थोड़ा सा और लिटाया और उसकी स्कर्ट थोड़ी सी ऊपर कर दी। मेरे सामने उसकी काले रंग की पैंटी थी जिस पर एक छोटा सा गीला धब्बा था। मैंने अपना हाथ उसकी चूत पर रख दिया जिससे वो सिहर उठी। अब मैंने उसकी टाँगे थोड़ी और चौड़ी की ताकि मेरा मुँह उसकी चूत तक जा सके। मैंने उसकी पैंटी के ऊपर से ही उसकी चूत को चाटना शुरु कर दिया। अब तक वो भी बहुत उतेजित हो गई थी और मेरा सर दबा के अपनी चूत पर ले जा रही थी।

वो बोली- प्लीज संजय, आज मुझको खुश कर दो !

मैंने कहा- जान, आज मैं तुमको इतना मज़ा दूगा कि तुम मुझको हमेशा याद रखोगी !

वो बोली- अब मेरा जिस्म तुम्हारा है ! यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉं पर पढ़ रहे हैं।

अब उसने उठ कर मेरी पैंट उतार दी और मेरी चड्डी भी नीचे कर दी। मेरा तना हुआ लौड़ा खड़ा हो कर उसकी जवानी को सलामी दे रहा था। उसने मेरा लौड़ा हाथ में लिया और उसको चूमने लगी। मुझको जन्नत का अहसास हो रहा था। तभी उसने मेरे लौड़े को अपने मुँह में ले लिया और उसको चूसना शुरु कर दिया जैसे कोई बच्चा लॉलीपॉप खा रहा हो। मुझको बहुत मज़ा आ रहा था और मैं भी अपनी कमर हिला हिला के अपना लौड़ा उसके मुँह में डाल रहा था।

थोड़ी देर में मैंने उसको उठाया और उसका टॉप उतार दिया। मेरे सामने उसके दो कबूतर ब्रा की कैद से आजाद होने को तैयार थे। मैंने उसकी पीठ पर हाथ रख कर उसके ब्रा के हुक खोल दिए। ब्रा हटते ही उसके 36 इन्च के स्तन मेरी आँखों के सामने थे। भरे-पूरे स्तन और उस पर अंगूर जैसे लाल लाल चुचूक उनकी शोभा बढ़ा रहे थे। मैं थोड़ी देर तक उनको मसलता रहा, फिर मैंने उसके चुचूक अपने मुँह में ले लिए और उनको पीने लगा।

स्तन चूसते चूसते ही मैंने उसकी स्कर्ट का हुक भी खोल दिया और उसकी स्कर्ट उसके जिस्म से अलग कर दी। अब उसके जिस्म पर सिर्फ एक काले रंग की पैंटी थी और उसके गोरे रंग के कारण वो किसी संगमरमर की मूरत जैसी लग रही थी। उसकी फुद्दी भी फूल गई थी और उसका आकार मुझको उसकी पैंटी के ऊपर से नज़र आ रहा था।

मैंने तुरंत ही उसकी पैंटी भी उतार कर अलग कर दी। अब हम दोनों एकदम नंगे थे, मैंने अपना मुँह उसकी चूत पर लगाया और अपनी जीभ से उसकी चूत को चाटने लगा। उसके मुँह से सेक्सी आवाज़ें निकल रही थी। मेरी जीभ उसकी चूत को चाट रही थी और उसकी चूत में अंदर बाहर हो रही थी। उसकी हालत देख कर साफ़ पता लग रहा था कि उसको इसमें बहुत मज़ा आ रहा है। उसकी चूत पानी छोड़ने लगी थी जो मैं चाट रहा था।

अब हम लोग 69 की पोजिशन में आ गये। मेरा मुँह उसकी चूत पर और उसके मुँह में मेरा लौड़ा था। वो बहुत ही प्यार से मेरा लौड़ा चूस रही थी। अब हम लोग अपने पर कण्ट्रोल नहीं कर पा रहे तो मैंने अपने लंड का टॉप उसकी फुद्दी के मुँह पर लगाया और थोड़ा सा जोर लगाया तो मेरा लंड उंसकी चूत में आधा घुस गया और उसके मुँह से एक हल्की सी चीख निकली। मैंने तुरंत अपने होंट उसके होंठो पर रख दिए और उनको चूसने लगा।

थोड़ी देर रुक कर मैंने दुबारा एक जोर का धक्का दिया और मेरा पूरा लौड़ा उसकी चूत में उतर गया। मैं थोड़ी देर बिना हिले उस पर लेट गया। फिर थोड़ी देर बाद मैंने अपनी कमर हिला कर धक्के मारने शुरु किये। वो भी अब अपनी कमर हिला कर मेरा साथ दे रही थी। उसकी चूत कसी हुई थी तो मुझको बहुत मज़ा आ रहा था। मेरे हाथ उसके चूचों को दबा रहे थे और मेरा लंड उसकी चूत में पिस्टन की तरह चल रहा था। वो अपने मुँह से उह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्हह्ह्ह्हा की आवाज़ें निकाल रही थी। थोड़ी देर मैं उसकी चूत इसी पोजिशन में मारता रहा फिर मैंने उसको पेट के बल लिटाया और उसके घुटने मोड़ के उसको घोड़ी बनाया। अब मैंने अपना लंड फिर उसकी चूत के मुँह पर लगाया और एक ही धक्के में पूरा लौड़ा उसकी चूत में उतार दिया। अब मेरे हाथ उसके स्तन दबा रहे थे और मैं उसकी फुद्दी मार रहा था।

थोड़ी देर में उसका जिस्म ऐंठने लगा। वो झड़ने वाली थी और मेरा माल भी निकलने वाला था सो मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी । मैंने उसके सारे जिस्म को चूमने लगा। 15-20 धक्कों के बाद हम दोनों का माल एक साथ निकल गया और हम निढाल हो कर वैसे ही सोफे पर गिर गए।

थोड़ी देर बाद मैं फिर तैयार था और हम लोगो ने फिर सेक्स का मज़ा लिया। इस बार मैंने उसकी गांड मारने की इच्छा रखी तो वो बोली- इस बार नहीं ! अगली बार मार लेना। आज के लिए बहुत हो गया।

मैंने कहा- ठीक है।

फिर मैं उसको नंगी ही उठा कर बाथरूम ले गया। वहाँ हमने एक दूसरे को नहलाया और एक दूसरे को बहुत सारे किस किये। मैंने अपने कपड़े पहन लिए और वो भी एक गाउन डाल कर आ गई। गाउन में भी वो जबरदस्त माल लग रही थी। फिर उसने मेरे लिए चाय बनाईं और हम लोगों ने चाय पी।

जब मैं चलने लगा तो उसने मुझको रुकने के लिए कहा। वो अपने कमरे में गई और वापस आकर मेरे हाथ में दो हज़ार रुपये दे कर बोली- आज तुमने मुझको खुश कर दिया, ये रख लो।

मैंने कहा- यह काम मैंने पैसों के लिए नहीं किया है, मुझको तो सेक्स करने की बहुत इच्छा होती है !

तो वो बोली- अगर मैं ये पैसे तुमको नहीं देती तो कोई और लेता। तो इसमे हर्ज़ क्या है।

फिर उसने कहा- क्या तुम और पैसे कमाना चाहते हो?

तो मैंने हाँ में सर हिला दिया तो उसने एक पेपर पर दो मोबाइल नंबर लिख कर दिए और कहा- ये मेरी ऑफिस की सहेलियाँ हैं। तुम इनसे बात कर लेना और इनको भी खुश कर देना, ये तुमको पैसे देंगी।

मैंने कहा- ठीक है ! और उसके पैसे वापिस दे कर बोला- मैं तुम्हारी फ्रेंड से पैसे ले लूंगा पर तुमसे नहीं !

वो मना करने लगी तो मैंने कहा- अगर तुम ये पैसे वापिस नहीं लोगी तो मैं फिर नहीं आंऊगा !

तब उसने पैसे वापस ले लिए और मैं उसके होंठों पर किस कर के चला आया। उसके बाद हम लोग आज तक जब भी मौका मिलता है सेक्स के मज़े लेते हैं।

जो नंबर उसने दिए थे मैंने उन लड़कियों को भी फ़ोन किया और उनको भी सेक्स का मज़ा दिया। उन लोगों ने मुझको पैसे दिए।

यह थी मेरी कहानी कि कैसे मैं एक जिगोलो बना और यह सिलसिला आज तक चल रहा है। जब भी किसी को जरुरत होती है वो मुझको बुलाती है और मैं उसकी सेक्स की जरुरत को पूरा करता हूँ। वो लड़की आज भी मेरे साथ है और हम मज़े ले रहे हैं।

आप लोगों को मेरी कहानी कैसी लगी? कृपया पहले की तरह मुझको मेल करके जरूर बताये ताकि मैं अपने और अनुभव आप लोगों के साथ बांट सकूँ।

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Posted : 15/12/2010 8:36 am