पड़ोसन की चुदाई
 

पड़ोसन की चुदाई  

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 Anonymous
(@Anonymous)
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मेरा नाम क्रिश है। और मैं दिल्ली का रहने वाला हूं। मेरी उमर १९ साल है।मैं पढ़ता हूं और मुझे लड़कियों को पटाने में बहुत मजा आता है। मैने लड़कियों को पटाना १५ साल की उमर से शुरु किया था और मुझे लड़कियों के साथ सेक्स करने में बहुत मजा आता है। ये मेरी पहली कहानी है।

जब मैं 12 वी मे था तो हमारे क्लास में एक लड़की पढ़ती थी उसका नाम रथिका था हाल फ़िलहाल वो कनाडा में है लेकिन जब वो यहां पर थी तब मैं और मेरे क्लास मेट सब उस पर लाइन मारते थे लेकिन वो किसी को भाव नहीं देती थी लेकिन हम फिर भी उसको कन्विंस करने की कोशिश करते थे। लेकिन मुझे एक फायदा था कि वो मेरी पड़ोसी थी जिससे मैं उसके घर जा कर कभी-कभी उससे बात करने की कोशिश करता था किसी ना किसी बहाने से

एक दिन वो कंप्यूटर पर गेम खेल रही थी शायद पूल गेम खेल रही थी अचानक मैं उसके रूम में पहुंचा था और उसे फीछे से डरा दिया। वो घबरा गई और चीख पड़ी उसके बाद उसने मुझे बेड पर धक्का दिया और मैं बेड पर गिर गया अब उसने पूछा कि क्यों डराया मुझे, मैं हंसने लगा उसके बाद उसने पूछा क्या हुआ मैने जवाब नहीं दिया।

अगले दिन मैने उसे हिम्मत करके फोन किया आज मैने मन बना लिया था कि आज उसे परपोज करना है फिर मैने उसे फोन किया २-३ बार फोन करने के बाद में उसे कह नहीं पाया। फिर मैने पूरा दम लगाकर उसे फोन किया और उसे मैने बोल दिया रथी आई लाइक यु फिर उसके बाद उसने कुछ जवाब नहीं दिया उसके बाद वो मैने उससे पूछा क्या हुआ उसने जवाब नहीं दिया फोन रख दिया उसके बाद अगले दिन स्कूल में आई मैं उसके सामने नहीं जा पाया उसके बाद फ्री पीरियड में सब बाहर चले गये थे फिर वो क्लास रूम में आई और उसने अपनी एक दोस्त जिसका नाम सोनल है उसने उससे बोला उसे क्लास रूम में बुलाओ तब मुझे डर लग रहा था फिर भी में गया फिर उसने पूछा क्या हुआ कल शाम को मुझे परपोज किया था तुमने। मैने कहा किया तो था लेकिन लगता है तुम्हे अच्छा नहीं लगा इसलिये मैने तुमसे पूछा नहीं दुबारा फिर उसने बोला ओके मैं तुम्हारे परपोज को स्वीकार करती हूं

फिर तो मैं खुश हो गया उसके बाद उस शाम को उसके घर पर गया और उसके रूम में गया और उससे पूछा में आई किस यु? उसने कहा नो ! लेकिन उसके बातों से लग रहा था वो यस बोल रही है। उसके बाद मैने उससे बोला -आई वांट अ किस नाउ उसने कहा ओके तब मैं उसे किस किया और उसके बूब्स प्रेस करने लगा वो बोली अभी नहीं मैं बोला बस एक बार तो वो बोली बस एक बार. तब मैने उसके बूब्स को ज़ोर से दबाया मुझे उसके निप्पल फ़ील हो रहे थे उसके बूब्स प्रेस करने में मुझे मजा आ रहा था उसके बाद उसे बेड पर बैठा दिया लेकिन उसके परेंट्स घर पर थे सो मैने कुछ किया नहीं

उसके बाद अगले दिन संडे था हमने मूवी देखने का प्लान बनाया फिर मूवी देखने हम गये वहां पर मैं उसके बूब्स को छू रहा था।फिर शाम को गार्डन गये रात होने लगी थी गार्डन में बहुत से जोड़े थे हम भी एक जगह पर बैठ गये और उसे किस किया फिर अंधेरा होने के कारण कोई देख नहीं रहा था मैने उसका टोप खोल दिया और किस किया और जीन्स का ज़िप खोल कर अंदर उंगली कर रहा था फिर वो सिसकी ले रही थी मैने जींस खोला और उसकी पैंटी को उतार दिया उसके बाद मैने अपना जींस खोला मैने अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया शायद उसे दर्द होने लगा था इसलिये बोलने लगी अभी नहीं लेकिन मैं नहीं माना और उसके चूत में उंगली डाली और किस कर रहा था और फिर उसकी चूत में मैने अपना लंड डाल दिया उसके आंसू आ गये।

फिर क्या था बस मैने उसे उसके घर तक छोड़ दिया और मैं अपने घर पर चला गया और नहा धो कर बस मैं उसके सपने देखने लगा और मैने उसे फिर फोन में बात करके उसे फिरसे बुलाया इसबार और कहीं नहीं मेरे घर में मैने बुलाया था क्योंकि मेरे घर में कोई भी नहीं था सब लोग बाहर घूमने जाने वाले थे। अब दोस्तो मुझे दीजिये इजाजत। मैं ये रथिका की अधूरी कहानी आप को अगले भाग में सुनाउंगा।

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Posted : 14/11/2010 1:03 pm