भैया ने मुझे गलती स...
 

भैया ने मुझे गलती से चोद दिया  

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दोस्तों, आज जो चुदाई कहानी बताने जा रहा हू वो मेरी भाई के साथ चुदाई की कहानी हैं। कैसे रवि भैया ने भाभी समझकर चोद दिया मुझे। मैं अर्पिता, मैं भाई के लण्ड से चुद गयी, पहले तो मेरी इच्छा नहीं थी, मुझे लग रहा था ये सारे गलत है पर बाद में मुझे लगा की नहीं अपनी वासना की भूख शांत कर लू। उस समय मेरे बूर में भी पानी आ गया था और मेरी धड़कन भी तेज हो गयी थी, और मैं अपने आप को रोक नहीं पाई सलवार का नाड़ा ढीला किया और रवि भैया का मोटा लण्ड अपने बूर में समा ली और गांड उठा उठा के धक्का देने लगी।

मेरी उम्र 22 साल की है और मेरे भाई की 36 साल की, भाई की शादी इसी साल हुयी थी, भाभी बड़ी ही हॉट है, वो ऐसी है जैसे की पटाखा हो, कोई भी मर्द उसको देख ले उसकी रात की नींद उड़ जाये, भाई की भी नींद आजकल उडी हुयी है, क्यों की आज कल दिन में 2-3 बार तो मैंने उसको देखा है भाभी को चोदते हुए। पर आज वाक्या ऐसा हुआ की मैं चुद गई। रात के करीब 12 बज रहे थे, रवि भैया अपने दोस्त की शादी की पार्टी में से आये थे।

भाभी का शाम से ही पेट दर्द कर रहा था तो वो मेरी माँ के कमरे में पेट पे गरम पानी की थैली से सिकाई करवा रही थी और उनको नींद आ गया, मैंने माँ से कहा माँ भाभी को बोलो अपने कमरे में सोने के लिए तो बोली सोने दे अभी आराम हो जायेगा, मैं भी सोची माँ सही बोल रही है, तभी लाइट चली गयी, मेरा नाईटी नहीं मिल रहा था तो मैंने भाभी की नाईटी डाल ली और छत पे सोने चली गयी, माँ भाभी निचे सो रही थी भाभी माँ के कमरे में थी, रवि भैया आये रात के करीब 12 बजे वो भाभी के कमरे में गए, भाभी वह नहीं थी, वो समझ गए की लाइट नहीं है हो सकता है की वो छत पे होगी।

वो छत पे आ गए, मैं हलकी हलकी नींद में थी, रवि भैया आये और बोला काजल (भाभी का नाम) मेरी डार्लिंग, तुम यहाँ हो और मेरा लण्ड तुम्हे निचे ढूंढ रहा था देखो तो सही मेरा मोटा लंड कितना टाइट है, कैसे खड़ा होक तुम्हे बुला रहा है, रवि भैया की आवाज साफ़ साफ़ नहीं निकल रही थी, उन्होंने काफी पि हुई थी, मैं चुप हो गयी मैं सोच की अभी चले जायेगे, पर वो मेरे पास लड़खड़ाते हुए बैठ गए मैंने कहा रवि भैया मैं हु अर्पिता, तो रवि भैया बोले साली मेरे से मजाक कर रही हु, क्यों आज तुम्हे मेरा मोटा लण्ड नहीं चाहिए, आज तो मैं तुम्हे खुश कर दूंगा, फिर बोले यार काजल तुम मुझे इस नाईटी में तुम बहुत ही खूसूरत और सेक्सी लगती है, जी तो करता हु चूस लू तेरे बदन को, मैं समझ गई की मेरा भाई ज्यादा पि रखा है।

मैं उठ के बैठी जाने के लिए तभी वो मुझे, धक्का दे दिया और मैं वापस अपने तकिये पे गिर पड़ी। उसके बाद उसने मेरे चूची को पकड़ लिया और मसलने लगा, और होठ में अपना होठ रख दिया और किश करने लगा मैं बचने की कोशिश करने लगी पर वो मुझे अपनी बाहों और टांगो में जकड रखा था, मैं कुछ भी नहीं कर पा रही थी, उसने नाईटी ऊपर कर दिया मैंने ब्रा नहीं पहनी थी भाई ने मेरी चूची को अपने मुह में ले लिया और पिने लगा, और बोले में कह रहा था साली आज तो तेरी चूची काफी टाइट लग रही है, बड़ी हॉट लग रही है, क्या बाद है, मैं कुछ बोलने के लिए अपना मूंह खोलने लगी तो मेरे मुह पे हाथ रख दिया बोला कुछ भी नहीं बोलना पडोश के छत पे कोई है आवाज सुन लेगा, मैं चुप रही उसके बाद उसने नाईटी मेरे गले से बाहर निकाल दिया और मेरा हाथ ऊपर कर के वो मेरी कांख के बाल को चाटते हुए मेरे बड़े बड़े मुम्मे को दबाने लगा, मैं भी थोड़ी मदहोश होने लगी।

सच पूछिये तो मुझे भी लगा की आज मौके का फायदा उठाया जाए , मैंने अब भाई को हेल्प करने लगी मैंने अपनी टांग फैला दी ... भाई बीच में आ गया .. मैंने सलवार पहनी थी नाड़ा मैंने ढीला कर दिया, ऊपर तो सब कुछ खुला हुआ था भाई मेरा मुम्मा को ऐसे दबा रहा था जैसे बच्चे के हाथ में कोई खिलौना हाथ लग गया हो, मैं भी अब भाई को होठ को चूसने लगी और अपना जीभ उसके मुह में डालने लगी, फिर वो मेरा सलवार खोल दिया और पेंटी में हाथ घुसा दिया, वो धीरे धीरे सहलाने लगा, मेरी चूत गरम और गीली हो चुकी थी, मेरे दोनों मुम्मे पूरी तरह से तन गए थे, होठ सुख रहे रहे थे पर भाई बार बार चूस के गिला कर रहा था, फिर भाई ने मेरी पेंटी खोल दी।

निचे सरक गया और मेरी चूत को चाटने लगा मैंने अब बहुत ही परेशान हो रही थी, क्यों की आजतक किसी ने मेरी चूत को हाथ तक नहीं लगाया था और आज सीधे कोई चाट रहा है, मैं तो बौखला गयी थी, करती क्या मैंने भाई को थोड़ा ऊपर खींचा ताकि वो मुझे अब चोद सके वो नशे में था। वो अपना मोटा लण्ड मेरे चूत पे रखा और गाली देते हुए मेरे चूत की फांक को खोल कर अपना लुंड का सुपाडा अंदर डाल दिया, बोला ले साली मैंने कहा था ना मेरा लण्ड तुम्हे ढूंढ रहा है,

मैंने तो फरफरा गई, दर्द होने लगा पर छत पे थी मैं कोई आवाज भी नहीं निकाल सकती, करती क्या चुप रहना ही बेहतर समझा,। फिर क्या था वो मेरी टांगो को ऊपर उठा दिया और अपने कंडे पर रख लिया , मेरे चूची को दोनों हाथ से पकड़ लिया और ले दना दन, वो हचा हच कर के चोद रहा था मेरी चूत गीली हो चुकी थी।

दर्द का एहसास भी हरेक झटके के साथ खत्म हो रहा था, मुझे भी मजा आने लगा मेरी चूत पानी छोड़ने लगी थी मेरी चौड़ी गांड भाई का पूरा बजन उठाये हुए था, बूर से फच फच की आवाज आ रही थी, मैं मदहोश होने लगी ये मेरी पहली चुदाई थी वो भी अपने भी भाई के द्वारा, भाई गाली दे रहा था, हरेक झटके पे एक गाली और मैं पूरी हिल रही थी उसके झटके से, फिर थोड़े देर बाद वो शांत हो गया मैं भी इसके पहले दो बार झड़ चुकी थी पर भाई मुझे लगातार चोदे जा रहा था और फिर एक लम्बी आह लेते हुए अपना सारा मलाई मेरे चूत के अंदर ही डाल दिया, और वो शिथिल हो कर निचे लेट गया। मैं तुरंत ही पेट के बल लेट गयी क्यों की दर था की कही गर्भ ना रह जाये मैं भाई के वीर्य को चूत से बाहर निकलने के लिए लेट गई।

फिर मैं धीरे से उसका हाथ हटाई जो की मेरी चूची पे था और नाईटी पहनी और निचे आ गयी, रात के करीब 1 हो गए थे, भाभी और माँ एक साथ ही सोई थी, मैंने भाभी को जगाया, वो बोली तेरे रवि भैया आ गए, मैंने कहा हां वो छत पे है, भाभी उठी और छत पे चली गई। सुबह पहले तो मुझे 2 घंटे तक नींद नहीं आई फिर सो गई, सुबह उठी तो सब कुछ नार्मल था, रवि भैया ड्यूटी जाने के लिए तैयार हो रहे थे भाभी नाश्ता तैयार कर रही थी माँ पूजा कर रही थी, यानी रात को रवि भैया को भी नहीं पता चला को रात में भाई ने अपनी प्यारी बहन की कुंवारी चूत को चोदा था।

~~~ समाप्त ~~~

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Posted : 20/08/2019 2:29 am