मेरी समलिंगी सहपाठि...
 

मेरी समलिंगी सहपाठिनें, meri-samlingi-sahpathine  

  RSS
 Anonymous
(@Anonymous)
Guest

हेल्लो दोस्तों मेरा नाम अमित है। मेरी एक दोस्त थी नेहा सिन्हा जो कि कानपुर में रहती थी। हम अच्छे दोस्त थे, हम स्कूल में साथ में पढ़े थे। उसकी एक ख़ास बात थी कि उसके चुंचे बहुत ही बड़े थे और वो थोड़ी मोटी भी थी।

मैं उसके घर अक्सर जाया करता था कभी नोट्स लेने या कभी ऐसे ही मिलने चला जाता था। मेरी क्लास में एक और लड़की थी जिसका नाम प्रियंका था। वो भी उसके घर अक्सर आती थी, उसके भी चुंचे बड़े थे पर नेहा से थोड़े छोटे थे।

मैं जैसे ही दरवाजे पर पहुँच कर घण्टी बजाने ही वाला था, मुझे उसके कमरे से कुछ आवाजें आती सुनाई दी- आआ आह्ह्ह्ह ऊऊं ह्ह्ह्छ स्स्स्स्स् सीई ईईई नीचे से करू ऊऊओ........

मैं थोड़ा रुका, मैंने उसके दरवाजे के छेद से देखा कि नेहा और प्रियंका दोनों ही पूरी नंगी हैं, वो एक दूसरे के चुंचे दबा रही हैं। दोनों के चुंचे मोटे मोटे थे। वो चुन्चो से आपस में लड़ाई करवा रहीं थीं, शायद कम्पीटीशन कर रहीं थीं कि किसके चुंचे ज्यादा स्ट्रोंग हैं।

नेहा ने अपने चुंचे अपने दोनों हाथों से पकड़ रखे थे और प्रियंका ने अपने हाथों से अपने चुंचे पकड़ रखे थे। फिर दोनों जोर जोर से चुचे आपस में भिडा रहीं थीं और जोर से आवाजें भी निकाल रहीं थीं।

फिर मैंने देखा कि नेहा पीठ के बल लेट गई और अपनी टांगें फैला ली और प्रियंका भी पेट के बल नेहा के ऊपर लेट गई और उसने नेहा की चूत के ऊपर अपनी चूत रख दी और प्रियंका की चूत नेहा की चूत को दबाने लगी और दोनों के चुंचे भी आपस में भिड़ गए।

अब प्रियंका अपनी चूत से नेहा की चूत को रगड़ने लगी और उसने नेहा की चुन्ची भी अपनी चुन्ची से मसल दी। फिर तो दोनों में लड़ाई होने लगी। अब नेहा भी नीचे से कोशिश कर रही थी कि वो प्रियंका के ऊपर आ जाये और वो कामयाब हो गई।

फिर उसने प्रियंका की चूत को अपनी चूत से बुरी तरह रगड़ दिया और दोनों के चुंचे आपस में टकराने लगे। वो दोनों मोटी थीं देखने में बहुत मजा आ रहा था। उनके पेट भी आपस में लड़ रहे थे, वो एक दूसरे को बुरी तरह से रगड़ रहीं थीं। दोनों एक दूसरे की चूत मारने में लगी थीं, बहुत मजा आ रहा था। फिर दोनों घोड़ी बन गयीं और अपने चूतड़ आपस में भिड़ाने लगीं।

दोनों के चूतड़ लड़ते रगड़ते लाल हो गए पर कोई हार नहीं मान रही थी।

वो चूतड़ लड़ाए जा रही थी, मैं भी मुठ मारे जा रहा था।

फिर मैं दरवाजा खोल के अंदर गया और उसके बाद क्या हुआ आपको बाद में बताऊंगा।

तब तक के लिए अलविदा !

Quote
Posted : 31/10/2010 12:03 pm