सच्चे प्यार का अंत
 

सच्चे प्यार का अंत  

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 Anonymous
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अपने अजीज़ पाठकों और चोदोचुदो डॉट कॉम के कद्रदानों को सादर नमन !

दोस्तो, मेरी ३ कहानियाँ चोदोचुदो डॉट कॉम पर प्रकाशित हो चुकी हैं और अब तो गुरूजी और इस वेब साईट से ऐसा रिश्ता हो गया है कि अपनी दैनिक डायरी छोड़ चोदोचुदो डॉट कॉम वेबसाइट पर ही अपनी बात लिखना पसंद करने लगा हूँ।

आज फिर एक यादगार घटना आपसे बांटने जा रहा हूँ ... जिसने मेरी जिंदगी के मायनों को बदल के रख दिया।

यह कहानी मेरी और मेरे पहले प्यार बुलबुल की है। उसके साथ बीता हुआ हर लम्हा एक धोखा ही था क्योंकि मेरे लिए तो वो सारी दुनिया थी पर उसके लिए शायद मैं एक बिस्तर पर खेलने वाला खिलौना था।

जब मैं १२वीं क्लास में था, मेरी टयूशन पर एक लड़की आती थी जिससे मैं प्यार कर बैठा। हम छुप छुप कर मिलने लगे और मैं उसे अपना सच्चा प्यार समझ कर जीवन-साथी मानने लगा।

वो हमेशा मुझसे अकेले में मिलने का कहती रहती और एक दिन किस्मत (मेरी बदकिस्मती) ने जोर मारा और हम उसके घर पर अकेले में मिले क्योंकि उसके घर के सभी सदस्य बाहर गए थे और २ दिन वो अकेली थी।

सुबह ९ बजे मैं उसके घर पहुँच गया। वो नहाई नहीं थी। मेरे जाने के बाद उसने चाय बनाई और मेरी बाहों में बाहें डालकर अपने हाथ से मुझे चाय पिला कर नहाने चली गई। कुछ ही देर में उसने मुझे अन्दर से आवाज लगाकर अन्दर बुलाया। वो पूरी नग्न थी। उसे देख कर मुझे कुछ होता चला गया और मैंने अपने जीवन का पहला सेक्स उसके साथ किया।

शाम ५ बजे में अपने घर गया, जाते हुए उसने मुझे कहा कि रात को आ जाना, साथ रहेंगे !

पर मेरे घर पर कुछ महमान आने के कारण मैंने उसे कह दिया कि मैं नहीं आ पाउँगा।

उसने पहले मुझे जोर दिया पर जब मैं नहीं माना तो उसने कहा- कुछ नहीं ! मत आना !

उसकी इन बातों का पता नहीं मुझ पर क्या असर हुआ और लगभग ३० मिनट बाद ही मैं उसके घर चला गया। मेन-गेट खुला था, तो मैं उसके दरवाजे के पास आया और दरवाज़ा खटकाने को ही था कि अचानक मुझे कुछ सिसकने की और सेक्सी आवाज आई। जब मैंने पास की खिड़की में से देखा तो मेरी आँखे खुली की खुली रह गई।

बुलबुल जिसे मैं अपना सब कुछ समझता था, वो मेरे ही दोस्त, जिसे वो अपना भाई मानती थी, के साथ सेक्स कर रही थी।

मैंने दरवाजा खटकाया तो विजय भाग गया और बुलबुल पसीने में लटपट दरवाजा खोलने आई। मुझे देख कर उसे लग गया कि मुझे पता चल गया है तो उसने मुझे कहा- प्रतीक ! यह जिंदगी और चूत जब तक अच्छी है मजे लो !

उसकी इस बात ने मेरी जिंदगी में प्यार के मायने बदल दिए और उस दिन से आज तक मैंने कई लड़कियों का साथ शारीरिक सम्बन्ध बनाये पर सच्चे प्यार के लिए मैं आज भी तड़फता हूँ।

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Posted : 19/02/2011 10:47 am